IPL 2021 KKR vs MI: कोलकाता की अनोखी रणनीति, स्पिनर्स ने डाले शुरुआत के 5 ओवर्स

IPL 2021 KKR vs MI: कोलकाता की अनोखी रणनीति, स्पिनर्स ने डाले शुरुआत के 5 ओवर्स
IPL 2021 KKR vs MI: कोलकाता की अनोखी रणनीति, स्पिनर्स ने डाले शुरुआत के 5 ओवर्स

IPL 2021 KKR vs MI: कोलकाता की अनोखी रणनीति, स्पिनर्स ने डाले शुरुआत के 5 ओवर्स : ज्यादातर कप्तान नई गेंद स्पिनर्स के हाथ में थमाने पर यकीन नहीं करते. बल्लेबाजों को पावरप्ले का फायदा मिलता है और अधिकतर फील्डर्स सर्कल के अंदर होते हैं तो ऐसे में स्पिनर्स के ओवर में रन बटोरने के मौके ज्यादा होते हैं. लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने मुंबई के खिलाफ अलग रणनीति अपनाई थी और दोनों एंड से पांचवें ओवर तक स्पिनर्स को लगा दिया था. केकेआर के कप्तान इयोन मोर्गन की ये रणनीति काफी अलग थी. आपको बता दें कि मुंबई और कोलकाता के बीच अब तक 28 मैच खेले गए हैं जिसमें से 21 मैच केकेआर हारी है.

केकेआर की ओर से पहला ओवर हरभजन सिंह ने डाला और दूसरी ओर से वरुण चक्रवर्ती आए. इयोन मोर्गन की स्ट्रैटेजी एक विकेट लेने में काम जरूर आई लेकिन फिर हरभजन सिंह के ओवर में सूर्यकुमार ने 14 रन बना लिए. जिसके बाद मोर्गन को पैट कमिंस को बुलाना पड़ा.

इयोन मोर्गन ने क्यों शुरुआत के ज्यादातर ओवर स्पिनर्स को दिए?

कई थ्योरी हैं जिससे पता चल सकता है कि क्यों दोनों झोर से स्पिनर्स ने शुरुआत में गेंदबाजी की.

थ्योरी 1: चेपॉक की धीमी पिच- आज का मैच चेन्नई के एमएस चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है और वहां की पिच बाकी सभी वेन्यू के मुकाबले सबसे धीमी है, स्पिनर्स केकेआर के लिए ज्यादा बेहतर कर सकते हैं. टर्निंग ट्रैक और वरुण चक्रवर्ती के वैरिएशन दूसरे ओवर में काम आए, जिससे उनको क्विंटन डी कॉक का विकेट मिल गया.

थ्योरी 2: ड्यू फैक्टर – मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की तरह चेन्नई ड्यू फैक्टर के लिए नहीं जानी जाती. फिर भी बीच के ओवर में दिक्कत हो सकती है. इसका मतलब ये हुआ कि स्पिनर्स गेंद को ग्रिप करने में मुश्किलों का सामना कर सकते हैं और अपनी लाइन एंड लेंथ भी मिस कर सकते हैं जिससे मुंबई इंडियंस के हिटर्स को फायदा मिल जाएगा.

थ्योरी 3: बड़े हिटर्स – मुंबई इंडियंस के पास रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, कायरन पोलार्ड आदि जैसे बड़े हिटर्स हैं. अगर स्पिनर्स पावरप्ले के बाद आते तो हर गलत गेंद पर बड़े शॉट लग सकते थे. मोर्गन को ऐसा रिस्क नहीं लेना था इसलिए उन्होंने ये रणनीति अपनाई.